दादी जानकी जी के करकमलों द्वारा पुणे – जगदंबा भवन का भूमीपूजन

जगदंबा भवन भूमीशुद्धिकरण समारोह समाचार

दिनांक: 28 जून 2015

पुणे में ईश्वरीय सेवाओं को बढाने एवं देश विदेश के सभी भाई-बहनों को जगदंबा सरस्वति के यादगार स्मृतियों की अनुभूति कराने हेतु एक विशाल जगदंबा भवन बनाने की योजना बनी है । इस कार्य के लिये पुणे में उन्दरी-पिसोळी नामक गाव के नजदीक ब्रह्माकुमारी संस्था ने लघबघ 2 एकर जमीन ली है ।

माउन्ट आबू, राजस्थान से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के वर्तमान मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकीजी के करकमलों द्वारा जगदंबा भवन का भूमीशुद्धिकरण सवेरे रविवार दिनांक 28 जून 2015 हुआ । साथ-साथ वर्लड रिन्युअल स्पिरिच्युअल ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक राजयोगी ब्रह्माकुमार रमेश शाह जी; गुजरात प्रभाग के संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदीजी; पुणे के पालक मंत्री,आदरणिय गिरिश बापटजी तथा अन्य अतिथिगण के पावन उपस्थिती में भूमीपूजन तथा वृक्षारोपण का कार्य संपन्न हुआ ।

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गंगाधाम – कोंडवा रोड पर स्थित वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र में 6500 से भी अधिक बी.के. भाई-बहनें जमा हुए और इस खुशी के अवसर को उमंग और उल्हास से मनाया । कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन, स्वागत नृत्य तथा दिव्य वाणी ग्रुप द्वारा अभिनंदन गीत से हुआ ।

दादी जानकीजी ने कहा ‘‘मम्मा -बाबा समान सभी को विकर्माजीत, कर्मातीत और अव्यक्त बनने का लक्ष रखना चाहिए । पूना प्रेम का ऊना है । जगदंबा भवन जून 2016 तक बनकर तैयार हो जाएगा । भवन एसा बने कि जो भी अंदर पाव रखे, वह माँ जैसा मीठा बन जाए । मीठा बनने के लिए5 बातें चाहिए- पवित्रता, सत्यता, धैर्यता, नम्रता और मधुरता चाहिए । जगदंबा भवन का स्थान वन्डरफुल है ।’’

पुणे के वरिष्ठ भ्राता ब्रह्माकुमार दशरतजी ने कहाँ कि जैसे ब्रह्माने संकल्प से सृष्टि रचि, वैसे दादीजी के संकल्प मात्र से जगदंबा भवन का निर्माण हो रहा है । योग्य भूमी देखने से लेने तक, तथा निर्माण के हर कदम पर परमात्मा की मदद और हर संकल्प की सिद्धि सभीने अनुभव किया है ।

वर्लड रिन्युअल स्पिरिच्युअल ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक राजयोगी ब्रह्माकुमार रमेश शाह जी ने जगदंबा मातेश्वरी के साथ का अनुभव बताया और किस प्रकार पुणे से विदेश सेवा का प्रारंभ हुआ, उसपर प्रकाश डाला । उन्होने कहा कि सभी के योग और तन-मन-धन के सहयोग द्वारा अगले वर्ष तक जगदंबा भवन का उद्गाठन अवश्य होगा और वह समारोह में भाग लेने सभी अभीसे अपनी डायरी में नोट कर ले ।

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माउन्ट आबू से पधारे राजयोगिनी प्रवीणा दीदीजी ने कहा कि जिसकी शुरुवात इतनी अच्छी, उसका अंत भी बहुंत ही सुहाना होता है । दादी जानकीजीने जो संकल्प किया, वह हमेशा सिद्ध हुए । पुणे में दादीजी ने 16 वर्ष तपस्या की है इसलिए सारे भारत में दादीजी ने पुणे को ही जगदंबा भवन बनाने की प्रेरणा दी है, यह पुणे के लिए बहुंत भाग्य की बात है ।

गुजरात प्रभाग के संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरला दीदीजी ने जगदंबा मम्मा के विशेषताओं का विस्तृत वर्णन किया और सभा में सभी को उनके समान शेरणी शक्ति बनने की प्रेरणा दी । जिस मम्मा ने हम सभी को मधुर शिक्षा देकर महान बनाया, उच्च बनाया, लायक बनाया; हमारा फर्ज बनता है कि सभी प्रेम से इस कार्य को उठाकर एसी यादगार बनाए कि देश- विदेशसे से लोग पुणे में शिव शक्ति क्या थी वह जाने, प्रेरणा लेने आए,नमन करे, वंदन करे, माँ के प्रेम में खो जाए, परमात्मा का परिचय मिले, एसा मम्मा का अमर यादगार सभी के अंगुली के सहयोग से यह तीर्थ स्थान बनाए ।